एकनाथ पाठक. कोरोनावायरस ने सभी स्पोटर्स इवेंट पर असर डाला है। लॉकडाउन के कारण खिलाड़ी घर में कैद होने को मजबूर हैं। लेकिन, वे इस समय का सदुपयोग कर रहे हैं। उन्हें खुद को परखने का शानदार मौका मिला है। जो प्रैक्टिस वे इवेंट के दौरान नहीं कर पाते थे, वे अब कर रहे हैं। वे बेसिक्स सुधारने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके लिए शैडो प्रैक्टिस कर रहे हैं। इससे उनकी क्षमता या योग्यता 60% तक बेहतर हो रही हैं। क्रिकेट, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेनिस और बॉक्सिंग के खिलाड़ी शैडो प्रैक्टिस कर अपना एंड्यूरेंस, स्ट्रेंथ, फ्लेक्सिबिलटी, तालमेल और स्पीड में सुधार कर रहे हैं। विभिन्न खेलों में इस तरह शैडो प्रैक्टिस कर रहे क्रिकेट: फ्रंटफुट, डिफेंस,कवर ड्राइवर, पुल शॉट की प्रैक्टिस कर टेक्निकइंप्रूव कर रहे हैं। एथलेटिक्स: स्टार्ट पर सबसे ज्यादा मेहनत कर रहे। इसके अलावा एल्टीट्यूड ट्रेनिंग पर काम कर रहे हैं। बॉक्सिंग: बॉक्सर हुक्स और जैब्स पंच की टेक्निक पर काम कर रहे। इससे फुट स्पीड और हाथ का तालमेल बेहतर होता है। बैडमिंटन: शटलर सर्विस, स्मैश, फोरहैंड, बैकहैंड जैसे स्ट्रोक की शैडो प्रैक्टिस कर रहे हैं। टेक्...